- लिंगायत, सामान्य, एसटी समुदाय से नेताओं को मिल सकता है मौका।
कर्नाटक में मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के नेतृत्व वाली सरकार में मंत्रिमंडल के विस्तार को लेकर शुक्रवार (31 जुलाई, 2026) को कांग्रेस आलाकमान की एक बड़ी बैठक हुई है. यह अहम बैठक कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर हुई. बैठक में खरगे के अलावा लोकसभा में नेता विपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, संगठन के महासचिव केसी वेणुगोपाल, प्रभारी महासचिव रणदीप सुरजेवाला भी मौजूद रहे.
बैठक में कांग्रेस नए चेहरों को शामिल करके कर्नाटक सरकार में नई ऊर्जा लाने और राज्य में जातिगत समीकरणों को संतुलित करने की कोशिश कर रही है. सूत्रों के मुताबिक, कर्नाटक सरकार में कैबिनेट का विस्तार अगले हफ्ते सोमवार (3 अगस्त, 2026) को हो सकता है और कैबिनेट में जाति, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और युवा चेहरों को शामिल करने पर जोर होगा.
वर्तमान में कर्नाटक में मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के साथ-साथ कुल 14 मंत्री सरकार में है, जबकि अधिकतम अनुमत संख्या 34 हैं, ऐसे में मंत्रिपरिषद में इस वक्त कुल 20 मंत्री पद खाली हैं, जिन्हें भरने के लिए कांग्रेस आलाकमान के बीच माथापच्ची जारी है.
किन-किन विधायकों को कर्नाटक सरकार में मंत्री पद मिलने की उम्मीद
सूत्रों के मुताबिक, संभावित उम्मीदवारों की सूची रविवार (2 अगस्त, 2026) की रात या सोमवार (3 अगस्त, 2026) की सुबह तक अंतिम रूप दे दी जाएगी. कर्नाटक सरकार के मंत्रिपरिषद विस्तार में कांग्रेस पार्टी की तरफ से लिंगायत समुदाय से भी प्रतिनिधित्व का मौका मिल सकता है और लिंगायत समुदाय से आने वाले नेताओं में एसएस मल्लिकार्जुन, लक्ष्मी हेब्बालकर, लक्ष्मण सावदी और यशवंत गौड़ा पाटिल का नाम शामिल हो सकता है.
सामान्य वर्ग से अजय सिंह के मंत्री बनने की संभावना
वहीं, सामान्य वर्ग से अजय सिंह को मौका मिल सकता है, जबकि एसटी समुदाय से नागेंद्र और पोन्नान्ना से शिवराज थंगदागी, बसवराज राया रेड्डी, शरद बच्चे गौड़ा, मधु बंगारप्पा/गवियप्पा को मौका मिल सकता है. इसके अलावा, संतोष लाड, रघु मूर्ति, बोस राज के नामों की भी चर्चा हो रही है.
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