PoK में चौथे दिन भी जारी पाकिस्तानी रेंजर्स की बर्बरता, फायरिंग में 6 मरे


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  • रेंजर्स ने एंबुलेंस पर गोली चलाई, मुजफ्फराबाद कूच का ऐलान।

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (POK) में गुरुवार (30 जुलाई, 2026) को चौथे दिन भी लगातार पाकिस्तानी रेंजर्स और SF की तरफ से प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी और हिंसा जारी रही. सुबह 7 बजे पहले रावलाकोट में चिनार चौक पर सड़क पर बैठे निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर एकाएक फायरिंग शुरू की गई. तकरीबन 1 घंटे रुक-रुककर गोलीबारी जारी रही और नई गोलीबारी में 6 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है.

रावलाकोट में चार दिनों से फायरिंग और मौत के बाद भी लोग टस से मस नहीं हो रहे हैं और जहां चिनार चौक वाला जत्था पहाड़ी पर बैठा है तो ईदगाह मैदान वाला दो लाख लोगों का जत्था रावलाकोट के डी चौक पर डटा हुआ है. प्रदर्शनकारी चौधरी अकील के मुताबिक, पाकिस्तानी रेंजर्स रावलाकोट में टारगेट किलिंग कर रहे हैं और जैसे कोई व्यक्ति डी चौक से आगे बढ़ता है, उस पर फायरिंग कर दी जाती है. इसी तरह रात में फोन की फ्लैश लाइट जलने तक पर टारगेट किलिंग की नियत से फोर्सेज फायर खोल देती हैं.

रावलाकोट के हालात पर प्रदर्शनकारी चौधरी अकील ने पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा कि PoK के नाम पर पाकिस्तान आजादी से लेकर आज तक पूरी दुनिया में ‘सिंपैथी’ बटोरता है, खुद को कश्मीरियों की रक्षा करने वाली फौज बताता है, लेकिन असल में इस समय यही पाकिस्तानी सरकार कश्मीरियों को मार रही है, जिसमें सबसे ज्यादा युवा मारे जा रहे हैं.

भीड़ से महिलाओं को हटाकर रेंजर्स ने पुरुषों को बनाया निशाना

मीरपुर और रावलाकोट में फायरिंग और उसमें 4 दिन में 42 लोगों की जान जाने पर गुरुवार (30 जुलाई, 2026) को पीओके के अलग-अलग शहरों में लोगों ने पाकिस्तानी सेना और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया. नौख्याल, खोई रट्टा, ददियाल, कोटली में स्थानीय लोगो ने हजारों की संख्या में प्रदर्शन किया. हालांकि, कोटली में प्रदर्शन के दौरान फिर पाकिस्तानी रेंजर्स ने हिंसा की. कोटली के वॉटरफॉल चौक पर महिलाएं रावलाकोट और मीरपुर में फायरिंग और मौत के विरोध में प्रदर्शन कर रही थी. प्रदर्शन के दौरान साढ़े 3 बजे वीगो डाले से पाकिस्तानी रेंजर्स और पीओके के पुलिसकर्मी आते हैं और हवा में फायरिंग करना शुरू कर देते हैं.

फायरिंग होते ही महिलाएं तितिर-बितिर होना शुरू हो जाती हैं और महिलाओं को तितिर-बितिर करके पीओके के पुलिसकर्मी और रेंजर्स घरों में घुसते हैं और कुछ पुरुषों को पीटते हैं. इसके बाद इलाके के पुरुष वॉटरफॉल चौक के पास टायर फूंककर प्रदर्शन करते हैं, जिस पर रेंजर्स इस बार हवाई फायरिंग की जगह पैर पर स्ट्रेट फायरिंग करते हैं, जिसमें 8 लोग गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं. हालांकि, फायरिंग के दौरान भी लोग डट का रेंजर्स के सामने खड़े रहे और गोलीबारी के बीच ‘ये जो गुंडागर्दी है, उसके पीछे वर्दी है’ के नारे लगाते रहे. 

प्राइवेट एनजीओ के एंबुलेंस पर रेंजर्स ने की फायरिंग

कोटली में बर्बरता का स्तर इतना ज्यादा था कि रेंजर्स ने प्रदर्शनकारियों की मदद करने आई प्राइवेट NGO की एंबुलेंस तक पर फायरिंग की, जिसके बाद एंबुलेंस में से धुआं निकालने लगा और एंबुलेंस में हर तरफ गोलियों के निशान साफ दिखाई दे रहे हैं. पीओके में सोमवार (27 जुलाई, 2026) से जारी गोलीबारी में इस बार प्रदर्शन के कई चेहरों की टारगेट किलिंग की गई और अवामी एक्शन कमेटी के सदस्यों के सगे रिश्तेदारों को भी निशाना बनाया गया.

इसी कड़ी में बुधवार (29 जुलाई, 2026) को रावलाकोट की फायरिंग में अवामी एक्शन कमेटी के सदस्य राजा अबरार-उल-हक मिनहास के भाई की मौत हो गई थी, ऐसे में गुरुवार (30 जुलाई) को अपने भाई के नमाज-ए-जनाजा पर राजा अबरार-उल-हक मिनहास ऐलान किया कि 2 अगस्त को होने वाले पीओके में दूसरे चरण का चुनाव अवामी एक्शन कमेटी और पीओके की जनता नहीं होने देगी. साथ ही पाकिस्तान परस्त राजनैतिक पार्टियों के उम्मीदवारों को राजा अबरार-उल-हक मिनहास ने खुली चेतावनी भी दी.

बर्बरता के बाद भी मुजफ्फराबाद कूच करेंगे प्रदर्शनकारी

प्रदर्शन के प्रमुख आयोजकों में से एक सरदार अमान खान ने भी वीडियो जारी करके भारत के जम्मू-कश्मीर के लोगों से घर से निकलकर पाकिस्तानी फौज का विरोध करने की अपील की है और जम्मू कश्मीर के नेताओं और मीरवाइज उमर फारूक से पीओके में चल रही बर्बरता पर बोलने और विरोध करने की अपील की है. साथ ही, अमान खान ने साफ कर दिया है कि इस बर्बरता के बाद भी लोग मुजफ्फराबाद कूच करेंगे और वापस घर नहीं जाएंगे.  

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