Real Estate: भारत में प्रॉपर्टी बेचने की होड़ क्यों लगी, 46% NRI तैयार, मोहभंग का कारण क्या?


Real Estate News: भारत के रियल एस्टेट बाजार में आने वाले समय में घरों की सप्लाई बढ़ सकती है. इसकी वजह सिर्फ बिल्डर नहीं, बल्कि NRI यानी विदेश में रहने वाले भारतीय भी हो सकते हैं. एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, बड़ी संख्या में NRI भारत में खरीदी अपनी प्रॉपर्टी बेचने की तैयारी कर रहे हैं.

रिपोर्ट में क्या आया सामने?
दरअसल रेमिटर (Remittor) की सालाना NRI वेल्थ रिपोर्ट 2026 के मुताबिक, सर्वे में शामिल करीब 46% NRI प्रॉपर्टी मालिक अपनी सम्पत्ति तुरंत बेचना चाहते हैं. वहीं, करीब 26% लोग अगले 6 महीने में इसे बेचने की योजना बना रहे हैं. खास बात ये है कि आधे से ज्यादा NRI प्रॉपर्टी बेचने के बाद मिलने वाले पैसे को भारत में दोबारा निवेश करने के बजाय विदेश भेजना चाहते हैं.

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2010-19 में खरीदी प्रॉपर्टी अब बेच रहे NRI
इस रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में NRI के बीच 2010 से 2019 के दौरान प्रॉपर्टी खरीदने का चलन काफी बढ़ा था. अब उस दौर में खरीदी गई कई प्रॉपर्टी बिक्री के लिए बाजार में आ रही हैं. दोबारा बिकने वाली 60% से ज्यादा प्रॉपर्टी इसी दशक में खरीदी गई थीं. इनमें करीब 89% रिहायशी प्रॉपर्टी हैं. यानी विदेश में रहने वाले भारतीय अब भारत में खरीदे घरों को सिर्फ परिवार या भविष्य में रहने के लिए नहीं, बल्कि निवेश के तौर पर देख रहे हैं.

निवेश का जरिया बनी प्रॉपर्टी
पहले NRI भारत में घर खरीदते थे ताकि रिटायरमेंट के बाद यहां रह सकें, माता-पिता परिवार के लिए घर हो या भविष्य में भारत लौटने का विकल्प बना रहे. लेकिन अब सोच बदल रही है. रेमिटर के फाउंडर और CEO शानू नायर के मुताबिक, विदेश में बढ़ते होम लोन खर्च, बच्चों की पढ़ाई, रिटायरमेंट प्लानिंग, टैक्स नियमों और निवेश में विविधता लाने की जरूरत के कारण NRI अपनी भारतीय प्रॉपर्टी को बेचकर पैसा दूसरी जगह लगाने के बारे में सोच रहे हैं.

क्या है इसके पीछे वजह?
रिपोर्ट के मुताबिक, NRI प्रॉपर्टी इसलिए नहीं बेच रहे हैं क्योंकि भारत का रियल एस्टेट बाजार खराब हो गया है. इसके बजाय वे अपनी संपत्ति और निवेश को नए तरीके से व्यवस्थित करना चाहते हैं. हालांकि, प्रॉपर्टी बेचने में उन्हें परेशानी भी हो रही है. करीब 81.4% विक्रेताओं को अभी तक खरीदार नहीं मिला है. विदेश में रहकर दस्तावेज, बातचीत और पूरी बिक्री प्रक्रिया संभालना उनके लिए मुश्किल होता है.

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