बिहार के सासाराम में कार्यपालक अभियंता के ठिकानों पर EOU ने छापेमारी की है. इस रेड में आय से 85 प्रतिशत अधिक संपत्ति का खुलासा हुआ है. बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने सासाराम के लघु सिंचाई प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता अरविंद कुमार चौधरी के ठिकानों पर छापेमारी की है.
अरविंद चौधरी के मुजफ्फरपुर, सासाराम, डेहरी आन सोन, बांका समेत छह ठिकानों पर रेड हुई है. आरोपी कार्यपालक अभियंता के खिलाफ 29 जुलाई 2026 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 13(2) सहपठित धारा 13(1)(बी) के तहत कांड संख्या-15/26 दर्ज किया गया है.
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आय से अधिक संपत्ति का हुआ खुलासा
EoU की इस छापेमारी में कार्यपालक अभियंता की ज्ञात आय से 85% अधिक संपत्ति का खुलासा हुआ है. इस तलाशी में करीब नौ लाख रुपये नकद, 500 ग्राम सोने के आभूषण, दो आलीशान फ्लैटों से जुड़े दस्तावेज, 21 बैंक पासबुक एवं फिक्स्ड डिपॉजिट के कागजात, बैंक खातों और एफडी में करीब 25 लाख रुपये जमा पाए गए हैं.
छापेमारी करने वाली टीम ने बरामद किए गए सभी सामान को फ्रीज करने की कार्रवाई की है. इस दौरान आरोपी के पास से 17 बीमा पॉलिसियों के दस्तावेज और निवेश से जुड़े बड़ी संख्या में अभिलेख बरामद हुए हैं. कार्यपालक अभियंता के बच्चों की शिक्षा पर भी बड़ी राशि खर्च की गई है, जिसकी जानकारी जांच एजेंसी जुटा रही है.
2014 में हुई थी पहली पोस्टिंग
अरविंद कुमार चौधरी सरकारी सेवा में मार्च 2014 में आए, उनकी पहली पोस्टिंग सहायक अभियंता (असैनिक) के रूप में हुई थी. इसके बाद वह औरंगाबाद, मुजफ्फरपुर, नवादा, किशनगंज, आदि में पदस्थापित रहे. उनके छह ठिकानों पर गुरुवार सुबह से देर रात तक छापेमारी हुई है और मामले में जांच जारी है. आशंका है कि आय से अधिक संपत्ति का दायरा और बढ़ सकता है.
फिलहाल इस कार्रवाई से कार्यपालक अभियंता के ठिकानों पर हड़कंप मचा हुआ है. इस छापेमारी के बाद अब परिवार के लोग और बच्चों की पढ़ाई से लेकर खर्च तक सभी सवालों के घेरे में है. टीम अब हर पहलु की जांच में जुट गई है.
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