स्कॉटलैंड में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 (Commonwealth Games 2026) में वेटलिफ्टिंग में सिल्वर मेडल जीतकर छत्तीसगढ़ की बेटी ज्ञानेश्वरी यादव ने पूरे देश का मान बढ़ाया है. इस ऐतिहासिक सफलता पर राष्ट्रपति से लेकर प्रधानमंत्री और तमाम बड़े नेताओं ने उन्हें बधाइयां दी हैं. राजनांदगांव स्थित ज्ञानेश्वरी के घर पर भी बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है. लेकिन, जश्न के इस माहौल के बीच परिवार का एक बड़ा दर्द भी छलक कर सामने आया है, जिसने प्रदेश में एक नई राजनीतिक बहस को जन्म दे दिया है.
ज्ञानेश्वरी के परिवार ने क्या कहा?
ज्ञानेश्वरी के परिवार ने आरोप लगाया है कि छत्तीसगढ़ की वर्तमान सरकार ने उन्हें आगे बढ़ाने और खेलों की तैयारी के लिए कोई सहयोग नहीं दिया है. एबीपी न्यूज़ से बातचीत के दौरान ज्ञानेश्वरी यादव के पिता दीपक यादव ने अपनी निराशा जाहिर की. उन्होंने बताया कि इस मुकाम तक पहुंचने के लिए उनकी बेटी और पूरे परिवार ने कड़ी मेहनत की है और बहुत कुछ दांव पर लगाया है.
वर्तमान सरकार से मिलने वाले सहयोग के सवाल पर दीपक यादव ने कहा, “वर्तमान छत्तीसगढ़ सरकार ने मेरी बेटी का कोई सहयोग नहीं किया. एशियन गेम्स की तैयारी के लिए ज्ञानेश्वरी को जापान जाना है, लेकिन सरकार की तरफ से कोई आर्थिक या ढांचागत मदद नहीं मिल रही है, केवल आश्वासन दिए जा रहे हैं.” हालांकि, पिता ने यह जरूर माना कि प्रदेश की पिछली भूपेश बघेल सरकार ने ज्ञानेश्वरी की काफी मदद की थी.
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कांग्रेस ने बोला हमला- ‘कैमरे के सामने सिर्फ बधाई दे रहे हैं’
ज्ञानेश्वरी यादव के पिता का बयान सामने आने के बाद प्रदेश में सियासी हलचल तेज हो गई है. कांग्रेस ने राज्य की भाजपा सरकार को घेरते हुए तीखा हमला बोला है. कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा, “इस सरकार ने ना तो युवाओं के लिए कुछ किया है और ना ही खिलाड़ियों के लिए. जब प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी, तब ज्ञानेश्वरी यादव को ASI की नौकरी और ट्रेनिंग की तमाम सुविधाएं उपलब्ध कराई गई थीं. लेकिन मौजूदा सरकार ने कोई सुविधा नहीं दी, बस कैमरे के सामने आकर बधाई जरूर दे रहे हैं.”
उपमुख्यमंत्री का रटा-रटाया जवाब
इस पूरे विवाद पर जब प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और खेल मंत्री अरुण साव से बात की गई, तो उन्होंने दावा किया कि प्रदेश के तमाम खिलाड़ियों को सभी सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं. खेल मंत्री ने आश्वासन देते हुए कहा कि ज्ञानेश्वरी यादव को सम्मान के साथ सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. हालांकि, यह बयान एक रटे-रटाए सरकारी जवाब की तरह ही नजर आया, जिसमें किसी ठोस योजना का जिक्र नहीं था.
बजट 100 करोड़, फिर भी खिलाड़ी सुविधाओं से महरूम?
छत्तीसगढ़ सरकार ने साल 2026-27 के लिए खेल विभाग के लिए करीब 100 करोड़ रुपये का बजट रखा है, जिसका उद्देश्य नए खिलाड़ी और बेहतर स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना है. लेकिन धरातल पर सच्चाई कुछ और ही नजर आ रही है. न तो खिलाड़ियों को तय मानकों के अनुसार इंफ्रास्ट्रक्चर मिल पा रहा है और न ही अंतरराष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग का सपोर्ट. ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि देश के लिए मेडल लाने वाली ज्ञानेश्वरी को सरकार से असल मदद मिल पाती है या फिर ये तमाम दावे महज चुनावी जुमले ही साबित होते हैं.
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